जयपुर में राजस्थान राज्य बीज निगम के निदेशक जुगल किशोर विश्नोई और अन्य की एसीबी गिरफ्तारी के बाद कथित नकली बीज रिश्वतकांड ने प्रदेश की राजनीति को गर्मा दिया है। कृषि विभाग की हालिया छापेमार कार्रवाइयों और संबंधित अधिकारियों की भूमिका को लेकर विपक्ष ने सरकार पर हमलावर रुख अपनाया है। कांग्रेस नेताओं ने मामले की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच की मांग की, और कृषि मंत्री किरोड़ी लाल मीणा की भूमिका पर सवाल उठाए।
कृषि मंत्री किरोड़ी लाल मीणा ने मीडिया से कहा कि यदि उनके नाम का इस्तेमाल कर किसी से वसूली की गई, तो इसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि अगर जांच में उनकी कोई संलिप्तता सामने आती है, तो वे मंत्री पद छोड़ने और गिरफ्तारी देने के लिए तैयार हैं। मंत्री ने कहा कि उन्होंने हमेशा भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाई है।
पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने आरोप लगाया कि कृषि विभाग और बीज निगम में करोड़ों रुपए के कथित घूसकांड की जांच गंभीर मामला है और इसमें उच्चस्तरीय संरक्षण की भूमिका नजर आती है। उन्होंने मुख्यमंत्री से कृषि मंत्री की भूमिका सहित पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की।
नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने कहा कि एसीबी ने जुगल किशोर विश्नोई और उसके रिश्तेदार को 2.43 करोड़ रुपए की रिश्वत के मामले में गिरफ्तार किया, और सवाल उठाया कि क्या सरकारी कार्रवाई भ्रष्टाचार रोकने के लिए थी या उगाही के लिए। कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने भी आरोप लगाया कि छापेमार कार्रवाइयों की आड़ में कमीशनखोरी और वसूली का खेल चल रहा था।
इस मामले में राजनीतिक बवाल और जांच के दबाव के बीच प्रदेश की जनता और कृषि क्षेत्र की स्थिति पर भी ध्यान गया है।
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