राजस्थान के कृषि विभाग में सामने आए 2.43 करोड़ रुपए के कथित खाद-बीज घूसकांड को लेकर कांग्रेस लगातार कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा के इस्तीफे की मांग कर रही है। इसी बीच राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (RLP) के सुप्रीमो और नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल ने जयपुर में आयोजित प्रेस वार्ता में किरोड़ी लाल मीणा का खुला समर्थन किया। उन्होंने मंत्री की बेदाग छवि का बचाव करते हुए मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की सरकार पर निशाना साधा और कहा कि सरकार जानबूझकर कुछ चयनित मामलों पर ही कार्रवाई कर रही है। बेनीवाल ने पूछा कि यदि भ्रष्टाचार पर कार्रवाई का पैमाना एक है, तो अन्य आधा दर्जन मंत्रियों पर लग रहे गंभीर आरोपों पर मुख्यमंत्री मौन क्यों हैं।
बेनीवाल ने कहा कि वे लंबे समय से डॉ. किरोड़ी लाल मीणा के साथ रहे हैं और उनके चरित्र पर किसी भी तरह के भ्रष्टाचार का आरोप असंभव है। उन्होंने कहा कि यदि किसी प्रशासनिक चूक या विभागीय अनियमितता के कारण मंत्री को जानबूझकर कटघरे में खड़ा किया जा रहा है, तो अन्य घोटालों और मंत्री-स्तरीय मामलों पर भी निष्पक्ष कार्रवाई होनी चाहिए। लोकतंत्र में पारदर्शिता और जवाबदेही सभी के लिए समान होनी चाहिए।
उन्होंने मुख्यमंत्री और कई मंत्रियों पर आरोप लगाए। मंत्री केके बिश्नोई पर SI भर्ती पेपर लीक 2021 के मामले में कथित संलिप्तता का आरोप, मंत्री कन्हैयालाल चौधरी पर अपने विभाग के भ्रष्ट अधिकारियों को संरक्षण देने और सरकारी टेंडर में अपने रिश्तेदारों का फायदा उठाने का आरोप, संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल और गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढम पर पद का दुरुपयोग और CBI से बचने की कोशिशों का आरोप, तथा स्वास्थ्य मंत्री गजेंद्र सिंह पर सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं में गंभीर कमी और भ्रष्टाचार का आरोप लगाया गया।
बेनीवाल ने 'प्रमोद शर्मा' नामक व्यक्ति का जिक्र करते हुए मांग की कि मुख्यमंत्री स्पष्ट करें कि वह उनके रिश्तेदार हैं या नहीं, और यदि नहीं हैं तो पुलिस उनकी गिरफ्त से क्यों दूर है।
पूर्व में हुए घटनाक्रमों जैसे मानेसर कांड और एसआई भर्ती 2021 के दौरान भ्रष्टाचार, पेपर लीक और राजनीतिक दबाव के मामलों पर भी बेनीवाल ने टिप्पणी की। उन्होंने सचिन पायलट और कांग्रेस नेताओं के खिलाफ तंज कसते हुए कहा कि पायलट बिना जन-आंदोलन के सत्ता के सर्वोच्च शिखर पर बैठना चाहते हैं।
दोनों नेताओं, किरोड़ी लाल मीणा और हनुमान बेनीवाल के बीच पुराने व्यक्तिगत विवाद और सार्वजनिक बयानबाजी के बावजूद एक सम्मानजनक पारिवारिक संबंध रहा है। सार्वजनिक मंच पर हुए विवाद के बाद दोनों ने सार्वजनिक रूप से एक-दूसरे का सम्मान और मान्यता जताई।
2026 के हालिया राजनीतिक समीकरणों में भी इनके बीच समय-समय पर राजनैतिक तल्खी देखने को मिलती है। किरोड़ी लाल मंत्री के रूप में और बेनीवाल विपक्ष के तौर पर सक्रिय हैं। बेनीवाल ने आगामी जनरैलियों और आरएलपी की रणनीतियों के माध्यम से जनता के हकों, किसानों और ओबीसी आरक्षण जैसे मुद्दों को प्रमुखता देने की योजना की घोषणा की।
इस प्रकार, हनुमान बेनीवाल ने स्पष्ट किया कि वे किरोड़ी लाल मीणा के समर्थन में हैं और भ्रष्टाचार के आरोपों के मामले में मंत्री को न्यायिक और राजनीतिक तौर पर सम्मानित रखने का संकल्प जताया है, जबकि प्रदेश सरकार और अन्य मंत्रियों पर गंभीर आरोपों को उजागर किया।
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