जयपुर। जयपुर नगर निगम को नया महापौर मिल गया है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) के प्रत्याशी सुनील कोठारी ने महापौर चुनाव में जीत दर्ज की। कोठारी को 89 वोट मिले, जबकि कांग्रेस प्रत्याशी सुनीता मावर को 60 वोट मिले। वहीं, एक वोट NOTA के पक्ष में पड़ा। जीत के बाद सुनील कोठारी ने कहा कि अब उनकी प्राथमिकता चुनावी राजनीति से आगे बढ़कर पूरे जयपुर के विकास पर काम करना होगी।
नवनिर्वाचित महापौर सुनील कोठारी ने कहा कि यह वृहद जयपुर का पहला बोर्ड है। निगम क्षेत्र का विस्तार होने के साथ शहर की आबादी और क्षेत्रफल दोनों बढ़े हैं। ऐसे में पुराने जयपुर के मौजूदा इंफ्रास्ट्रक्चर के रखरखाव के साथ नए क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं का विस्तार करना जरूरी है।
उन्होंने कहा कि पुराने शहर में पहले से मौजूद सड़क, सफाई और सीवरेज व्यवस्था के बेहतर मेंटेनेंस पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। वहीं, निगम में शामिल हुए बाहरी क्षेत्रों में सड़क, सीवर, स्ट्रीट लाइटिंग और अन्य मूलभूत सुविधाओं को मजबूत किया जाएगा।
सुनील कोठारी ने जयपुर के संस्थापक सवाई जयसिंह का जिक्र करते हुए कहा कि जिस गौरव और सोच के साथ जयपुर की स्थापना की गई थी, उसे आगे बढ़ाना उनकी जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि आधुनिक सुविधाओं के साथ जयपुर की ऐतिहासिक पहचान और विरासत को भी संरक्षित रखते हुए शहर का विकास किया जाएगा।
महापौर ने कहा कि बढ़ते शहर के साथ नागरिक सुविधाओं का विस्तार भी जरूरी है। नए क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को भी निगम की सेवाओं का समान रूप से लाभ मिलना चाहिए।
सुनील कोठारी ने कहा कि जयपुर के विकास के लिए सभी पार्षदों का सहयोग जरूरी है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के पार्षद हों या निर्दलीय, सभी 150 पार्षदों को साथ लेकर शहर के विकास के लिए काम किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि चुनाव अब समाप्त हो चुका है और अब प्राथमिकता जयपुर के विकास की होनी चाहिए। कोठारी ने महापौर चुनाव में समर्थन देने वाले सभी पार्षदों का आभार जताते हुए कहा कि जनता ने जिस विश्वास के साथ भाजपा को बहुमत दिया है, उस विश्वास को कायम रखना उनकी जिम्मेदारी है।
महापौर चुनाव के दौरान विपक्ष की ओर से सत्ता के दुरुपयोग के लगाए गए आरोपों पर सुनील कोठारी ने कहा कि भाजपा ने सत्ता का कोई दुरुपयोग नहीं किया। उन्होंने कहा कि भाजपा को जनता के विश्वास के रूप में बहुमत मिला है और वह स्वयं भी जनता के विश्वास से ही पार्षद बने हैं।
अब महापौर पद संभालने के बाद सुनील कोठारी के सामने सबसे बड़ी चुनौती विस्तारित जयपुर में विकास और मूलभूत सुविधाओं के बीच संतुलन बनाने की होगी। बढ़ती आबादी और निगम क्षेत्र के विस्तार के बीच सड़क, सीवरेज, सफाई और स्ट्रीट लाइटिंग जैसी व्यवस्थाओं को मजबूत करना नए बोर्ड की प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल रहेगा।
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