अंकिता के परिवार की प्रमुख मांग दुष्यंत कुमार गौतम को सिक्किम का राज्यपाल नियुक्त किए जाने के फैसले को रद्द करना है। परिवार लंबे समय से इस मामले में उनकी कथित भूमिका को लेकर सवाल उठाता रहा है। हालांकि, मामले में संबंधित वीआईपी की पहचान को लेकर अब तक सार्वजनिक रूप से स्पष्टता नहीं है।
हिरासत में लिए जाने के बाद अंकिता के पिता ने कहा कि उनकी बेटी को न्याय मिलना चाहिए और दुष्यंत गौतम की नियुक्ति रद्द की जानी चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि मांग पूरी नहीं होने पर परिवार एक बार फिर सड़कों पर उतरेगा और देशभर में प्रदर्शन करेगा।
वहीं, अंकिता की मां सोनी देवी ने कहा कि जब तक नियुक्ति रद्द नहीं होती, तब तक उनका विरोध जारी रहेगा। उन्होंने यह भी कहा कि यदि उन्हें धरना देने की अनुमति नहीं मिलती है, तो वे अपने घर पर भूख हड़ताल करेंगी।
इससे एक दिन पहले, 14 अक्टूबर को कांग्रेस नेता राहुल गांधी और प्रियंका गांधी भी इंडिया गेट पहुंचे थे। दोनों ने धरने पर बैठे अंकिता के माता-पिता से मुलाकात कर उनके प्रति समर्थन जताया। इस दौरान प्रियंका गांधी ने अंकिता की मां को गले लगाया, जबकि राहुल गांधी ने उनके पिता से बातचीत की।
उत्तराखंड के एक रिजॉर्ट में रिसेप्शनिस्ट के तौर पर काम करने वाली 19 वर्षीय अंकिता भंडारी की सितंबर 2022 में हत्या कर दी गई थी। उसका शव 24 सितंबर 2022 को चिल्ला नहर से बरामद हुआ था। इस मामले में रिजॉर्ट मालिक पुलकित आर्य और उसके दो कर्मचारियों सौरभ भास्कर तथा अंकित गुप्ता को गिरफ्तार किया गया था।
30 मई 2025 को कोटद्वार की अदालत ने तीनों आरोपियों को हत्या, सबूत मिटाने और अन्य आरोपों में दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई थी।
दिसंबर 2025 में सोशल मीडिया पर वायरल हुए कुछ ऑडियो-वीडियो के बाद इस मामले में कथित वीआईपी की पहचान को लेकर फिर चर्चा शुरू हुई। इनसे जुड़े दावों में दुष्यंत कुमार गौतम और अजय कुमार के नाम सामने आए थे। अंकिता के परिवार ने भी मामले की जांच और कथित वीआईपी से जुड़े पहलुओं पर सवाल उठाए हैं।
परिवार की मांग है कि मामले से जुड़े सभी सवालों की निष्पक्ष जांच हो और अंकिता को न्याय मिले।
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