FIR दर्ज नहीं होने से नाराज कांग्रेस नेताओं ने सोमवार देर शाम जयपुर पुलिस कमिश्नरेट पहुंचकर विरोध जताया। प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा और पूर्व मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास समेत अन्य नेता रातभर वहीं डटे रहे। नेताओं ने परिसर में गद्दे बिछाकर रात गुजारी, जबकि कांग्रेस की महिला नेता सोफे पर सोईं। मंगलवार सुबह कांग्रेस नेता कमिश्नरेट में चाय पीते नजर आए।
वहीं, यूथ कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष अभिषेक चौधरी कार्यकर्ताओं के साथ कमिश्नरेट के बाहर प्रदर्शन और नारेबाजी करते रहे। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि जब तक मामले में FIR दर्ज नहीं होती, उनका विरोध जारी रहेगा।
इस मामले में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा से फोन पर बात की थी। खबर के मुताबिक, राहुल गांधी ने जयपुर में FIR दर्ज करवाने की बात कही थी। इसके बाद डोटासरा रितु बराला के साथ पुलिस कमिश्नरेट पहुंचे और संबंधित महिला पुलिसकर्मी के खिलाफ जीरो FIR दर्ज करने की मांग की।
डोटासरा ने पुलिस कमिश्नर सचिन मित्तल से फोन पर बात करते हुए मामले को व्यक्तिगत मुद्दा नहीं बनाने और नियमानुसार कार्रवाई करने की मांग की। कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि थाने में शिकायत देने के बावजूद FIR दर्ज नहीं की गई और उन्हें कमिश्नरेट जाने के लिए कहा गया।
रितु बराला के साथ कांग्रेस की लीगल टीम पहले जयपुर के मोती डूंगरी थाने पहुंची थी। वहां कांग्रेस विधायक रफीक खान, अमीन कागजी और लीगल टीम ने थाना प्रभारी को लिखित शिकायत देकर संबंधित पुलिसकर्मी के खिलाफ FIR दर्ज करने की मांग की। हालांकि, FIR दर्ज नहीं होने के बाद कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल पुलिस कमिश्नरेट पहुंच गया।
प्रतिनिधिमंडल में गोविंद सिंह डोटासरा, प्रताप सिंह खाचरियावास, विधायक रफीक खान और जयपुर शहर कांग्रेस अध्यक्ष सुनील शर्मा सहित अन्य नेता शामिल थे।
यह मामला 13 अक्टूबर को दिल्ली में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर NSUI के प्रदर्शन से जुड़ा है। रितु बराला के मुताबिक, वह अपने साथियों के साथ राजीव चौक मेट्रो स्टेशन के गेट नंबर-7 के पास प्रदर्शन कर रही थीं। इसी दौरान दिल्ली पुलिसकर्मी उन्हें और अन्य प्रदर्शनकारियों को बस में बैठाकर कनॉट प्लेस पुलिस स्टेशन ले गए।
रितु बराला ने आरोप लगाया कि हिरासत के दौरान उनके साथ मारपीट और अभद्रता की गई। उन्होंने गर्दन दबाने, बाल खींचने, थप्पड़ मारने, शरीर के अन्य हिस्सों पर चोट पहुंचाने और अपमानजनक टिप्पणियां किए जाने के आरोप भी लगाए हैं। उनके अनुसार, घटना के बाद उन्हें लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया था, जहां इलाज के बाद 14 अक्टूबर को छुट्टी दे दी गई।
14 अक्टूबर को राहुल गांधी के साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान रितु बराला ने अपने साथ हुई कथित घटना का जिक्र किया था। राहुल गांधी ने उस दौरान रितु की हिम्मत की सराहना करते हुए उन्हें ‘शेरनी’ कहा था।
रितु बराला मूल रूप से राजस्थान के झुंझुनूं की रहने वाली हैं और राजस्थान विश्वविद्यालय की छात्र राजनीति में भी सक्रिय रही हैं। इस मामले को लेकर कांग्रेस नेताओं ने संबंधित पुलिसकर्मियों के खिलाफ FIR दर्ज कर निष्पक्ष जांच की मांग की है।
फिलहाल, इस मामले में कांग्रेस की प्रमुख मांग जयपुर में जीरो FIR दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करना है। मामले में लगाए गए आरोपों की पुष्टि जांच और संबंधित पक्षों के आधिकारिक बयान से होनी बाकी है।
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