इस चुनाव में सीकर के कई प्रमुख नेताओं ने भी अपने-अपने गांव पहुंचकर मतदान किया। सीकर लोकसभा क्षेत्र से दो बार सांसद रहे सुमेधानंद सरस्वती, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष दीपेंद्र सिंह शेखावत और स्वायत्त शासन एवं नगरीय विकास राज्यमंत्री झाबर सिंह खर्रा ने मतदान केंद्रों पर पहुंचकर अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया।
सीकर पंचायत चुनाव में राज्यमंत्री झाबर सिंह खर्रा के परिवार के कई सदस्यों के चुनाव लड़ने से मुकाबला चर्चा में है। जानकारी के अनुसार, खर्रा की पत्नी शांति देवी वार्ड संख्या 17 और उनके छोटे बेटे अजय सिंह वार्ड संख्या 20 से भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ रहे हैं।
वहीं, उनके बड़े बेटे दुर्गा सिंह और उनके भाई की पत्नी प्रतिमा सिंह निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में चुनाव मैदान में हैं। ऐसे में जिले में चुनावी मुकाबले के बीच मंत्री के परिवार के सदस्यों की उम्मीदवारी भी चर्चा का विषय बनी हुई है।
जिला निर्वाचन से जुड़े आंकड़ों के अनुसार, सुबह 10 बजे तक छह पंचायत समितियों में मतदान का प्रतिशत इस प्रकार रहा:
| पंचायत समिति | मतदान प्रतिशत |
|---|---|
| पिपराली | 15.40% |
| अजीतगढ़ | 13.38% |
| श्रीमाधोपुर | 13.10% |
| खंडेला | 12.68% |
| पाटन | 12.39% |
| नीमकाथाना | 11.19% |
सीकर जिले की पाटन, नीमकाथाना, अजीतगढ़, श्रीमाधोपुर, खंडेला और पिपराली पंचायत समितियों में जिला परिषद तथा पंचायत समिति सदस्यों के चुनाव हो रहे हैं। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, इन क्षेत्रों में जिला परिषद के 23 सदस्यों और पंचायत समिति के 140 सदस्यों के चुनाव के लिए मतदान कराया जा रहा है। जिले में 766 मतदान केंद्र बनाए गए हैं और 7.96 लाख से अधिक मतदाताओं के मतदान करने की उम्मीद है।
जिला परिषद सदस्य: 4 (2 संपूर्ण और 2 आंशिक)
पंचायत समिति सदस्य: 17
सरपंच: 20
वार्ड पंच: 260
मतदाता: 94,895
मतदान बूथ: 94
जिला परिषद सदस्य: 6
पंचायत समिति सदस्य: 37
सरपंच: 52
वार्ड पंच: 620
मतदाता: 22,942
मतदान बूथ: 228
जिला परिषद सदस्य: 5
पंचायत समिति सदस्य: 27
सरपंच: 39
वार्ड पंच: 300
मतदाता: 1,53,712
मतदान बूथ: 111
जिला परिषद सदस्य: 3
पंचायत समिति सदस्य: 19
सरपंच: 26
वार्ड पंच: 288
मतदाता: 93,582
मतदान बूथ: 94
जिला परिषद सदस्य: 3
पंचायत समिति सदस्य: 17
सरपंच: 27
वार्ड पंच: 277
मतदाता: 96,711
मतदान बूथ: 104
जिला परिषद सदस्य: 4 (2 संपूर्ण और 2 आंशिक)
पंचायत समिति सदस्य: 23
सरपंच: 28
वार्ड पंच: 346
मतदाता: 1,32,524
मतदान बूथ: 135
मतदान के दौरान खंडेला के बूथ संख्या 46 पर EVM में खराबी की सूचना मिली। इसके कारण यहां मतदान प्रक्रिया करीब 20 मिनट की देरी से शुरू हुई। जिले के अन्य मतदान केंद्रों पर सुबह से मतदाताओं की आवाजाही जारी रही।
पंचायत चुनाव के इस चरण में जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्यों के चयन के लिए मतदाता अपने मताधिकार का इस्तेमाल कर रहे हैं। मतदान समाप्त होने के बाद मतगणना के जरिए प्रत्याशियों के चुनावी भविष्य का फैसला होगा।
पिपराली में बूथ नंबर 61 पर लाइन में लगे पूर्व सांसद, बुजुर्गों की मदद के लिए तैनात स्काउट्स; खंडेला में EVM खराब होने से 20 मिनट देरी से शुरू हुआ मतदान राजस्थान के सीकर जिले में पंचायतीराज चुनाव के तहत जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्यों के लिए मतदान जारी है। जिले की छह पंचायत समितियों में सुबह 7 बजे से मतदान शुरू हुआ। हल्की सर्दी के बीच महिला और बुजुर्ग मतदाता भी उत्साह के साथ मतदान केंद्रों पर पहुंचे। कई मतदान केंद्रों पर मतदाताओं की कतारें देखने को मिलीं। इस दौरान पूर्व सांसद सुमेधानंद सरस्वती, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष दीपेंद्र सिंह शेखावत और राजस्थान सरकार के नगरीय विकास एवं स्वायत्त शासन राज्यमंत्री झाबर सिंह खर्रा ने भी अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया।
सीकर लोकसभा क्षेत्र से दो बार सांसद रहे सुमेधानंद सरस्वती का वोट पिपराली पंचायत समिति क्षेत्र में है। वह बूथ संख्या 61 पर मतदान करने पहुंचे। यहां उन्होंने अन्य मतदाताओं के साथ कतार में लगकर अपनी बारी का इंतजार किया और फिर मतदान किया।
वहीं, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष दीपेंद्र सिंह शेखावत ने सीकर जिले के मऊ गांव स्थित राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय के बूथ नंबर 77 पर वोट डाला।
राजस्थान सरकार के नगरीय विकास एवं स्वायत्त शासन राज्यमंत्री झाबर सिंह खर्रा अपने पैतृक गांव भारणी पहुंचे और बूथ नंबर 54 पर मतदान किया। वह भी मतदाताओं की कतार में लगे और अपनी बारी आने पर वोट डाला।
मतदान के बाद खर्रा ने कहा कि उन्होंने भारणी गांव में भाजपा प्रत्याशियों के पक्ष में मतदान किया है। कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा की ओर से सत्ता के दुरुपयोग को लेकर लगाए गए आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए खर्रा ने कांग्रेस पर भी सवाल उठाए। उन्होंने पूर्ववर्ती गहलोत सरकार के कार्यकाल का जिक्र करते हुए सत्ता के दुरुपयोग के आरोप लगाए।
सीकर जिले के पंचायत चुनाव में मंत्री झाबर सिंह खर्रा के परिवार के कई सदस्य अलग-अलग वार्डों से चुनाव लड़ रहे हैं।
उनकी पत्नी शांति देवी वार्ड नंबर 17 से भाजपा प्रत्याशी हैं।
उनका छोटा बेटा अजय सिंह वार्ड नंबर 20 से भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ रहा है।
बड़ा बेटा दुर्गा सिंह श्रीमाधोपुर पंचायत समिति के वार्ड नंबर 19 से निर्दलीय प्रत्याशी है।
उनके भाई महावीर की पत्नी प्रतिमा सिंह जिला परिषद के वार्ड नंबर 23 से निर्दलीय चुनाव मैदान में हैं।
इस तरह मंत्री के परिवार के सदस्य भाजपा और निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़ रहे हैं।
सीकर जिले की नीमकाथाना पंचायत समिति के गणेश्वर मतदान केंद्र पर 95 वर्षीय माली देवी मतदान करने पहुंचीं। उम्र अधिक होने के कारण परिजन उन्हें गोद में उठाकर मतदान केंद्र तक लेकर आए। बुजुर्ग महिला के मतदान केंद्र पहुंचने का दृश्य चर्चा में रहा।
वहीं, पिपराली पंचायत समिति के माधोपुरा स्थित बूथ नंबर 76 पर स्काउट्स की टीम मतदाताओं की मदद के लिए तैनात रही। यहां बुजुर्ग मतदाताओं के लिए व्हीलचेयर की व्यवस्था भी की गई। स्काउट्स बुजुर्गों को व्हीलचेयर के जरिए मतदान केंद्र तक पहुंचाने में सहायता कर रहे हैं।
मतदान के दौरान खंडेला पंचायत समिति के बूथ नंबर 46 पर EVM में खराबी आ गई। इसके चलते मतदान करने पहुंचे लोगों को मशीन ठीक होने का इंतजार करना पड़ा। जानकारी के अनुसार, करीब 20 मिनट बाद सुबह 8 बजे मशीन दोबारा शुरू हुई, जिसके बाद मतदान प्रक्रिया शुरू कराई गई।
दूसरी ओर, सीकर के चैनपुरा गांव में बूथ नंबर 52 पर सुबह 7 बजे से ही मतदाताओं का पहुंचना शुरू हो गया था। हल्की सर्दी के चलते कई महिला मतदाता स्वेटर और शॉल पहनकर वोट डालने पहुंचीं।
सीकर जिले की पाटन, नीमकाथाना, अजीतगढ़, श्रीमाधोपुर, खंडेला और पिपराली पंचायत समितियों में जिला परिषद तथा पंचायत समिति सदस्यों के चुनाव हो रहे हैं। मतदान के लिए कुल 766 बूथ बनाए गए हैं। जिले में 7.96 लाख से अधिक मतदाता अपने मताधिकार का इस्तेमाल कर सकेंगे।
जिले में जिला परिषद के 23 सदस्यों और पंचायत समिति के 140 सदस्यों के चुनाव के लिए मतदान कराया जा रहा है। सुबह से ही मतदान केंद्रों पर मतदाताओं की आवाजाही बनी हुई है।
पंचायतीराज चुनाव में मतदाताओं को कुल चार वोट डालने हैं। इनमें दो वोट जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्यों के लिए तथा दो वोट सरपंच और वार्ड पंच के लिए निर्धारित हैं।
मतदान के दौरान जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्य के चुनाव के लिए बाएं हाथ की तर्जनी पर स्याही लगाने की जानकारी दी गई है। वहीं, सरपंच और वार्ड पंच के चुनाव में दाएं हाथ की तर्जनी पर स्याही लगाई जाती है।
मतदान के लिए आधार कार्ड, मनरेगा जॉब कार्ड, फोटोयुक्त बैंक या डाकघर पासबुक, ड्राइविंग लाइसेंस, पैन कार्ड, भारतीय पासपोर्ट और निर्वाचन प्राधिकारी की ओर से मान्य अन्य पहचान दस्तावेजों का इस्तेमाल किया जा सकता है। मतदाताओं को सलाह है कि वे मतदान केंद्र जाने से पहले मान्य दस्तावेजों की आधिकारिक सूची की पुष्टि कर लें।
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