कार्यक्रम की अध्यक्षता जल संसाधन मंत्री सुरेश सिंह रावत ने की। बैठक में जनप्रतिनिधियों, पूर्व पार्षदों, प्रबुद्धजनों, अधिकारियों, मीडिया और अन्य हितधारकों से परियोजना को लेकर चर्चा की गई और उनके सुझाव भी लिए गए।
आरयूआईडीपी के पांचवें चरण में सबसे बड़ा फोकस सीवरेज और अपशिष्ट जल प्रबंधन पर रहेगा। इसके लिए करीब 25 करोड़ 83 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे। इसके अलावा बाढ़ प्रबंधन और ड्रेनेज के लिए 1 करोड़ 61 लाख रुपये तथा कमान्ड एंड कंट्रोल सेंटर, विरासत संरक्षण और पर्यटन विकास से जुड़े कार्यों पर करीब 2 करोड़ 25 लाख रुपये खर्च होंगे।
जल संसाधन मंत्री सुरेश सिंह रावत ने सीवरेज परियोजना को पुष्कर के लिए महत्वपूर्ण कदम बताया। उन्होंने कहा कि परियोजना की सफलता के लिए आरयूआईडीपी, नगर परिषद और संबंधित विभागों के बीच बेहतर तालमेल जरूरी है। उन्होंने शहरवासियों और पार्षदों से भी परियोजना में पूरा सहयोग देने की अपील की।
मंत्री ने यह भी कहा कि सीवरेज का काम शुरू होने के दौरान सड़कों की खुदाई से आमजन को परेशानी हो सकती है, इसलिए निर्माण कार्य की ऐसी प्लानिंग होनी चाहिए जिससे लोगों को कम से कम दिक्कत हो और काम समय पर पूरा हो।
कार्यक्रम में आरयूआईडीपी के अधीक्षण अभियंता नाहर सिंह ने प्रेजेंटेशन के जरिए प्रस्तावित कार्यों की जानकारी दी। अधिकारियों ने भरोसा दिलाया कि सभी काम गुणवत्ता के साथ निर्धारित समय सीमा में पूरे किए जाएंगे और संवाद कार्यक्रम में मिले उपयोगी सुझावों को परियोजना में शामिल किया जाएगा।
कुल मिलाकर, आरयूआईडीपी का पांचवां चरण पुष्कर के लिए सीवरेज, जल निकासी, पर्यटन और विरासत संरक्षण के लिहाज से बड़ा बदलाव लेकर आ सकता है। अब चुनौती इन योजनाओं को जमीन पर समयबद्ध और व्यवस्थित तरीके से लागू करने की है।
All Rights Reserved & Copyright © 2015 By HP NEWS. Powered by Ui Systems Pvt. Ltd.