राज्य निर्वाचन आयुक्त ने कहा कि ‘एक राज्य-एक चुनाव’ के तहत स्थानीय निकाय और पंचायती राज संस्थाओं में एक साथ चुनाव कराने से आर्थिक बचत के साथ संसाधनों का बेहतर उपयोग संभव होगा। इससे प्रशासनिक कार्यों में निरंतरता और विकास योजनाओं की गति बनाए रखने में भी मदद मिलेगी।
बैठक में कानून-व्यवस्था, पुलिस बल, निर्वाचन कार्मिक, नामांकन, संवीक्षा और नाम वापसी के दौरान सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की गई। अधिकारियों को चुनाव प्रक्रिया स्वतंत्र, निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से कराने के निर्देश दिए गए।
नगर निकाय चुनाव 39 जिलों में दो चरणों में, जबकि फलोदी और सलूम्बर में एक चरण में कराने की व्यवस्था प्रस्तावित है। वहीं पंचायती राज संस्थाओं के चुनाव 36 जिलों में चार चरणों, 4 जिलों में दो चरणों और एक जिले में एक चरण में कराने की तैयारी है।
निर्वाचन में पंचायत समिति सदस्य, जिला परिषद सदस्य और नगर निकाय सदस्यों के लिए ईवीएम, जबकि पंच और सरपंच के चुनाव में मतपेटी का इस्तेमाल किया जाएगा। बैठक में विभिन्न विभागों को चुनावी तैयारियां समयबद्ध तरीके से पूरी करने के निर्देश दिए गए।
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