मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के क्लीन मोबिलिटी के विजन के तहत शुरू की गई ये इलेक्ट्रिक बसें पर्यावरण संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं। बिना धुएं और कम शोर के संचालित होने वाली इन बसों से आमजन को सुगम और किफायती परिवहन सुविधा मिलेगी।
उन्होंने बताया कि प्रदेश के 8 शहरों में 110 पीएम ई-बसें पहुंच चुकी हैं। पीएम ई-बस सेवा के पहले चरण में जयपुर, जोधपुर, उदयपुर, कोटा, बीकानेर, भीलवाड़ा, अलवर और अजमेर के लिए 675 इलेक्ट्रिक बसें स्वीकृत की गई हैं। इसके अलावा राज्य सरकार के प्रयासों से राजस्थान के लिए 475 अतिरिक्त ई-बसें स्वीकृत हुई हैं। इस तरह प्रदेश के लिए कुल 1,150 पीएम ई-बसों को मंजूरी मिली है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि ई-बसों के व्यवस्थित संचालन के लिए बस स्टैंड, चार्जिंग प्वाइंट सहित आवश्यक इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित किया जा रहा है। सरकार सार्वजनिक परिवहन को आधुनिक, सुलभ और पर्यावरण अनुकूल बनाने के लिए लगातार काम कर रही है।
उन्होंने कहा कि दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों तक परिवहन सेवा पहुंचाने के लिए हाल ही में 144 नई रोडवेज बसें शुरू की गई हैं। जल्द ही रोडवेज के बेड़े में 1,000 और बसें शामिल की जाएंगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि सकारात्मक प्रबंधन से रोडवेज को घाटे से निकालकर फायदे में लाया गया है और कर्मचारियों को समय पर वेतन देना सुनिश्चित किया गया है।
इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री डॉ. प्रेमचंद बैरवा, नगरीय विकास एवं स्वायत्त शासन मंत्री झाबर सिंह खर्रा, मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
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