राहुल गांधी ने कहा कि एक महिला की पहचान केवल बेटी, पत्नी या मां के रूप में सीमित नहीं होनी चाहिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि महिलाएं किसी की संपत्ति नहीं हैं और उन्हें अपनी स्वतंत्र पहचान बनाने का अधिकार है। उनके मुताबिक, महिलाओं को अपने पैरों पर खड़ा होकर अपनी पहचान और भविष्य खुद तय करना चाहिए।
कार्यक्रम के दौरान राहुल गांधी ने महिलाओं के सामने आने वाली हिंसा, असमानता और सामाजिक बंदिशों का भी मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि महिलाओं को कमजोर समझने वाली सोच को चुनौती देने की जरूरत है। उन्होंने छात्राओं से पितृसत्तात्मक सोच के खिलाफ आवाज उठाने और अपने अधिकारों के लिए आगे आने का आह्वान किया।
राहुल गांधी ने भारत की महिलाओं को देश की बड़ी ताकत बताते हुए कहा कि महिलाओं की क्षमता और भागीदारी देश के भविष्य के लिए महत्वपूर्ण है। उन्होंने महिलाओं को समान अवसर और स्वतंत्रता देने पर जोर दिया।
‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भी निशाना साधा और महिलाओं के साथ व्यवहार में कथित दोहरे मापदंड का मुद्दा उठाया। कार्यक्रम का केंद्र महिलाओं की सुरक्षा, शिक्षा, रोजगार और सामाजिक समानता से जुड़े सवाल रहे।
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