ई-वे बिल नियमों की अनदेखी पर वाणिज्यिक कर विभाग सख्त, 10 दिनों में 29 वाहन पकड़े

जयपुर, 27 अगस्त। राज्य में माल परिवहन के दौरान ई-वे बिल के नियमों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ वाणिज्यिक कर विभाग ने कार्रवाई तेज कर दी है। विभाग की प्रवर्तन टीमों ने पिछले 10 दिनों में 16 अलग-अलग ट्रांसपोर्टरों के 29 वाहन अनियमितताओं के चलते पकड़े हैं।

जांच के दौरान सामने आया कि कुछ वाहनों में आवश्यक ई-वे बिल के बिना माल का परिवहन किया जा रहा था। वहीं, कुछ मामलों में ई-वे बिल में वास्तविक माल की तुलना में कम मात्रा या कम मूल्य दर्शाया गया था। विभाग ने इन वाहनों को नियमानुसार जब्त कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।

कर, ब्याज और दंड की होगी वसूली

विभाग की ओर से पकड़े गए वाहनों में लदे माल और संबंधित दस्तावेजों का विस्तृत सत्यापन किया जा रहा है। ई-वे बिल में दर्ज विवरण का वास्तविक माल से मिलान किया जा रहा है। जांच पूरी होने के बाद नियमानुसार देय कर, ब्याज और दंड की राशि निर्धारित की जाएगी।

प्रमुख ट्रांसपोर्टरों के वाहन भी कार्रवाई की जद में

पिछले तीन दिनों में ही प्रवर्तन टीमों ने कई प्रमुख ट्रांसपोर्टरों के वाहनों में ई-वे बिल से जुड़ी अनियमितताएं पकड़ी हैं। इनमें जड़िया ट्रांसपोर्ट, पूजा रोड कैरियर्स, बालाजी ट्रांसपोर्ट, टीएफसी, ओम शिव ट्रांसपोर्ट, शक्ति, उदयपुर गोल्डन, शेखावाटी ट्रांसपोर्ट कंपनी और यू ट्रांस लॉजिस्टिक सहित अन्य ट्रांसपोर्टर शामिल हैं।

कुछ ट्रांसपोर्टरों के एक से अधिक वाहन भी अनियमितता के मामलों में पकड़े गए हैं।

कर चोरी की आशंका वाले मामलों पर विशेष निगरानी

प्रारंभिक जांच में कुछ मामलों में कर चोरी की आशंका भी सामने आई है। विभाग के अनुसार, कुछ वाहनों में बिना आवश्यक ई-वे बिल के माल का परिवहन किया जा रहा था, जबकि अन्य मामलों में ई-वे बिल में वास्तविक माल से कम मात्रा या मूल्य दर्ज किया गया।

ऐसे मामलों में वास्तविक कर देयता को कम दर्शाए जाने की संभावना रहती है। इसी वजह से प्रवर्तन टीमें माल, ई-वे बिल और अन्य संबंधित दस्तावेजों का आपसी मिलान कर रही हैं।

ई-वे बिल में सही विवरण दर्ज करना अनिवार्य

वाणिज्यिक कर विभाग ने व्यवसायियों और ट्रांसपोर्टरों को स्पष्ट किया है कि माल परिवहन के दौरान ई-वे बिल के सभी प्रावधानों का पालन करना अनिवार्य है। ई-वे बिल में माल की वास्तविक मात्रा, वास्तविक मूल्य और परिवहन से संबंधित सही जानकारी दर्ज करनी होगी।

विभाग ने चेतावनी दी है कि बिना ई-वे बिल माल परिवहन करने या जानबूझकर कम मात्रा अथवा मूल्य दर्शाकर कर देयता कम करने के प्रयासों को स्वीकार नहीं किया जाएगा। ऐसे मामलों में आगे भी सख्त प्रवर्तन कार्रवाई जारी रहेगी।

ईमानदार कारोबारियों के हितों की भी रक्षा

विभाग के मुताबिक ई-वे बिल व्यवस्था के प्रभावी अनुपालन से कर चोरी पर अंकुश लगाने के साथ-साथ ईमानदारी से कारोबार करने वाले करदाताओं के हितों की भी रक्षा होगी। दस्तावेजों में कम माल दर्शाकर परिवहन करने से कुछ कारोबारियों को मिलने वाले अनुचित प्रतिस्पर्धात्मक लाभ को रोकना भी विभाग की प्राथमिकता है।

वाणिज्यिक कर विभाग की प्रवर्तन टीमें राज्यभर में माल परिवहन की निगरानी और जांच कर रही हैं। विभाग ने स्पष्ट किया है कि ई-वे बिल के नियमों के उल्लंघन और कर अनुपालन में लापरवाही के मामलों में कार्रवाई आगे भी सख्ती से जारी रहेगी।

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