प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने पूर्व पार्षद दीपक अरोड़ा और मोहित अरोड़ा को तत्काल प्रभाव से कांग्रेस की प्राथमिक सदस्यता से 6 साल के लिए निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई PCC चीफ गोविंद सिंह डोटासरा के निर्देश पर की गई।
मामला बीकानेर नगर निगम के वार्ड नंबर 50 का है। यहां कांग्रेस प्रत्याशी के चुनाव कार्यालय के उद्घाटन कार्यक्रम के दौरान विवाद हुआ था। जिला कांग्रेस अध्यक्ष मदन गोपाल मेघवाल ने प्रदेश कांग्रेस कमेटी को शिकायत भेजकर आरोप लगाया कि कार्यक्रम के दौरान दीपक अरोड़ा, मोहित अरोड़ा और उनके समर्थकों ने उनके साथ मारपीट और अभद्र व्यवहार किया।
शिकायत को गंभीरता से लेते हुए प्रदेश कांग्रेस ने मामले में अनुशासनात्मक कार्रवाई की। संगठन महासचिव ललित तूनवाल ने 2 सितंबर को आदेश जारी कर दोनों नेताओं को 6 वर्ष के लिए पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से निलंबित कर दिया।
इस पूरे विवाद में बीकानेर शहर महिला कांग्रेस जिलाध्यक्ष शशिकला राठौड़ की भूमिका भी सवालों के घेरे में है। प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने राजस्थान महिला कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष सारिका सिंह को पत्र भेजकर मामले की निष्पक्ष जांच के निर्देश दिए हैं।
प्रदेश नेतृत्व ने जांच पूरी कर दो दिन के भीतर रिपोर्ट प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय को भेजने को कहा है। जांच रिपोर्ट के आधार पर शशिकला राठौड़ के खिलाफ आगे की कार्रवाई का फैसला लिया जा सकता है।
बीकानेर के वार्ड 50 की यह घटना ऐसे समय सामने आई है, जब राजस्थान में नगरीय निकाय चुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हैं। पार्टी के भीतर हुए विवाद ने आंतरिक गुटबाजी और अनुशासन को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।
कांग्रेस ने दो नेताओं को 6 साल के लिए पार्टी से बाहर कर स्पष्ट संदेश देने की कोशिश की है कि चुनाव के दौरान अनुशासनहीनता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अब सबकी नजर महिला कांग्रेस जिलाध्यक्ष की जांच रिपोर्ट पर है।
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