नई दिल्ली: भारतीय क्रिकेटर अभिषेक शर्मा ने अपने व्यक्तित्व अधिकारों (Personality Rights) की सुरक्षा के लिए दिल्ली हाई कोर्ट का रुख किया है। मामले की सुनवाई मंगलवार को जस्टिस ज्योति सिंह की एकल पीठ में हुई, जहां याचिका पर आंशिक बहस सुनने के बाद अदालत ने अगली सुनवाई 9 जुलाई को निर्धारित की।
सुनवाई के दौरान Meta की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता वरुण पाठक ने अदालत को बताया कि याचिका में जिन आठ यूआरएल (वेब लिंक) का उल्लेख किया गया है, उनमें से दो लिंक फिलहाल उपलब्ध नहीं हैं। उन्होंने यह भी कहा कि एक लिंक केवल पैपराजी शैली की तस्वीर से जुड़ा है, जिससे व्यक्तित्व अधिकारों का उल्लंघन नहीं माना जा सकता। इस पर अभिषेक शर्मा की ओर से पेश वकील ने दावा किया कि संबंधित तस्वीर एआई (Artificial Intelligence) से तैयार की गई है।
सुनवाई के दौरान अदालत ने टिप्पणी की कि मानहानि और व्यक्तित्व अधिकारों के उल्लंघन के मामलों के बीच बहुत पतली रेखा होती है और कई मामलों में दोनों पहलू एक-दूसरे से जुड़े होते हैं। वहीं, वरुण पाठक ने कहा कि यदि किसी व्यक्ति के बारे में झूठी और अस्वीकार्य सामग्री प्रकाशित की जाती है, तो वह अलग कानूनी श्रेणी का मामला होगा।
अदालत ने यह भी पाया कि याचिका में जिन वेब लिंक का हवाला दिया गया है, उनके स्क्रीनशॉट रिकॉर्ड पर संलग्न नहीं किए गए हैं। इसलिए कोर्ट ने अभिषेक शर्मा के वकील को निर्देश दिया कि वे सभी संबंधित स्क्रीनशॉट के साथ अतिरिक्त हलफनामा दाखिल करें।
गौरतलब है कि दिल्ली हाईकोर्ट इससे पहले कई प्रसिद्ध हस्तियों, खिलाड़ियों, अभिनेताओं, राजनेताओं और आध्यात्मिक गुरुओं के व्यक्तित्व अधिकारों की रक्षा के लिए बिना अनुमति उनके नाम, तस्वीर, आवाज या पहचान का व्यावसायिक अथवा भ्रामक उपयोग रोकने संबंधी आदेश जारी कर चुका है।
All Rights Reserved & Copyright © 2015 By HP NEWS. Powered by Ui Systems Pvt. Ltd.