अयोध्या। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने राम मंदिर में दान के रूप में प्राप्त आभूषणों, नकद राशि और अन्य बहुमूल्य भेंटों को लेकर उठ रहे सवालों के बीच विस्तृत जानकारी सार्वजनिक की है। ट्रस्ट की बैठक में समर्पण निधि, चढ़ावे और दान में मिली वस्तुओं का पूरा लेखा-जोखा पेश किया गया। ट्रस्ट ने स्पष्ट किया कि श्रद्धालुओं द्वारा दी गई प्रत्येक भेंट का रिकॉर्ड सुरक्षित रखा गया है और दान देने वाले श्रद्धालुओं को विधिवत रसीद भी जारी की गई है।
ट्रस्ट ने कहा कि यदि किसी व्यक्ति, संस्था या पत्रकार के पास मंदिर से जुड़े किसी भी व्यक्ति के खिलाफ अनियमितता के ठोस प्रमाण हैं, तो उन्हें सार्वजनिक आरोप लगाने के बजाय एसआईटी या संबंधित जांच एजेंसी को उपलब्ध कराया जाए। ट्रस्ट ने भरोसा जताया कि प्रमाण मिलने पर जांच एजेंसियां निष्पक्ष कार्रवाई करेंगी। साथ ही चढ़ावे की राशि की गणना प्रक्रिया में सामने आई अनियमितताओं पर चिंता और खेद भी व्यक्त किया गया।
ट्रस्ट के अनुसार, निधि समर्पण अभियान और अन्य दान के माध्यम से अब तक कुल 3,264 करोड़ रुपये प्राप्त हुए हैं, जिनमें से 2,370 करोड़ रुपये मंदिर निर्माण और पूंजीगत कार्यों पर खर्च किए जा चुके हैं। वहीं 31 मार्च 2026 तक कुल 582 करोड़ रुपये का चढ़ावा प्राप्त हुआ, जिसमें से 391 करोड़ रुपये संचालन व्यय पर खर्च किए गए हैं और शेष राशि ट्रस्ट के बैंक खातों में सुरक्षित है।
इसके अलावा श्रद्धालुओं ने नकद राशि के साथ-साथ 2,926 बहुमूल्य वस्तुएं और आभूषण भी भगवान श्रीरामलला को भेंट किए हैं। ट्रस्ट ने बताया कि इन सभी भेंटों का विवरण तिथि सहित रजिस्टर में दर्ज है तथा हर वर्ष एक स्वतंत्र चार्टर्ड अकाउंटेंट फर्म द्वारा उनका भौतिक सत्यापन किया जाता है। ट्रस्ट ने यह भी कहा कि जो श्रद्धालु अपनी भेंट का सत्यापन करना चाहते हैं, वे पूर्व अनुमति लेकर अयोध्या आ सकते हैं और अपनी भेंट का रिकॉर्ड स्वयं देख सकते हैं।
ट्रस्ट ने जानकारी दी कि चांदी की वस्तुओं को भारत सरकार की टकसाल में गलाकर चांदी की छड़ों में परिवर्तित किया गया है। इस पूरी प्रक्रिया का फोटो, वजन और शुद्धता संबंधी प्रमाणपत्र सुरक्षित रखे गए हैं, जिससे पारदर्शिता सुनिश्चित की जा सके।
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